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मदर्स डे: अपनी मां की वजह से क्रिकेटर बन पाए ये 5 खिलाड़ी, इस तरह मां की वजह से मिली सफलता

Sunday Special: इन क्रिकेटर्स की सफलता की पूरी कहानी है 'मां'

प्रत्येक इंसान के जीवन में मां का बहुत महत्व होता है। मां अपने बच्चों की सफलता के लिए हर भूमिका निभाने को तैयार हो जाती है। कई ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी भी हैं जो अपनी मां के त्याग और बलिदान की वजह से ही सफल खिलाड़ी बन पाए हैं। आज मदर्स डे के मौके पर हम ऐसे पांच क्रिकेट खिलाड़ियों के बारे में बात करने जा रहे हैं जो अपनी मां की वजह से क्रिकेट की दुनिया के बड़े खिलाड़ी बनने में कामयाब रहे।

  1. मिताली राज
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  1. मिताली राज भारतीय क्रिकेट की जानी-मानी महिला खिलाड़ी हैं। मिताली राज को महिला क्रिकेट का सचिन तेंदुलकर भी माना जाता है। मिताली राज की मां का नाम लीला राज है। मिताली राज अपनी माताजी की वजह से ही सफल क्रिकेटर बन पाई। मिताली की मां लीला राज मैनेजर के पद पर नौकरी किया करती थी। लेकिन बेटी को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्होंने मैनेजर का पद भी त्याग दिया। मिताली की क्रिकेट प्रैक्टिस में कोई बाधा ना आए इसलिए और उनका ध्यान रखने के लिए मिताली की माँ ने नौकरी छोड़कर हाउसवाइफ बनने का फैसला लिया। इनके त्याग और बलिदान की वजह से मिताली राज बड़ी क्रिकेटर बनने में सफल हो सकी।
  2. विराट कोहली
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  1. भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली किसी पहचान के मोहताज नहीं है। विराट कोहली के सर से बहुत कम समय में पिता का साया उठ गया था। उसके बाद विराट कोहली की मां सरोज कोहली ने ही विराट को संभाला था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के बावजूद भी विराट के माता-पिता ने 8 साल की उम्र में क्रिकेट एकेडमी में इनका एडमिशन कराया था। विराट कोहली माता-पिता के त्याग को भली-भांति समझ रहे थे। उसके कुछ समय बाद ही विराट कोहली के पिता इस दुनिया को छोड़कर चले गए। पिता की मृत्यु के बाद कोहली अंदर से काफी टूट गए थे। लेकिन विराट की मां ने इस मुश्किल घड़ी में उन्हें संभाला। मां के धैर्य और शक्ति की वजह से ही विराट कोहली ने पिता की मृत्यु के अगले दिन ही मैच खेलने का निर्णय लिया। उसके बाद विराट कोहली परिपक्व होते चले गए और प्रत्येक मैच को गंभीरता से लेने लगे। मां के जज्बे की वजह से ही विराट कोहली आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
  2. सचिन तेंदुलकर
  1. महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान भी कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के जितने रिकॉर्ड बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए असंभव है। सचिन की माताजी को रजनी तेंदुलकर के नाम से जाना जाता है। सचिन तेंदुलकर को क्रिकेटर बनाने में उनकी मां का भी बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने अपने बेटे के सभी मैच टीवी पर देखे थे। परंतु सचिन तेंदुलकर का अंतिम मैच उन्होंने स्टेडियम में देखा था। शारीरिक रूप से स्वस्थ ना होने के बावजूद भी सचिन के कहने पर उनकी मां अंतिम मैच देखने गई थी।
  2. एम एस धोनी
    भारत के महान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को इस मुकाम पर पहुंचाने में कई लोगों का योगदान रहा है। लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की माता जी देवकी धोनी के बारे में कम लोग ही जानते हैं। क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी सोशल मीडिया पर अपना मातृप्रेम नहीं दिखाते हैं। लेकिन माही भावात्मक रूप से अपनी मां से हमेशा से जुड़े हुए हैं। धोनी कई बार यह कह चुके हैं कि हम लोग जीवन में अपनी मां की भूमिका को धन्यवाद कहना भूल जाते हैं। लेकिन यह गलत बात है। हमें अपनी मां के त्याग और बलिदान के लिए उन्हें बार बार शुक्रिया अदा करना चाहिए।
  3. डेविड वार्नर
    ऑस्ट्रेलिया के खतरनाक बल्लेबाज डेविड वार्नर आज अपनी मां की वजह से ही इस मुकाम पर पहुंच पाए हैं। डेविड वॉर्नर की मां को शैला वॉर्नर के नाम से जाना जाता है। डेविड वॉर्नर शुरुआत में बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते वक्त हवा में ज्यादा शॉट लगाया करते थे। इसकी वजह से वह जल्दी आउट हो जाते थे। उसके बाद डेविड वॉर्नर के हाई स्कूल के कोच ने उन्हें दाहिने हाथ से बल्लेबाजी करने की सलाह दी। कोच के कहने पर डेविड वॉर्नर सीधे हाथ से बल्लेबाजी करने लगे। इस वजह से डेविड वॉर्नर के प्रदर्शन में निरंतर गिरावट आने लगी। इतना ही नहीं खराब प्रदर्शन की वजह से डेविड वॉर्नर का विश्वास भी डगमगाने लगा। यह सब देखकर डेविड वॉर्नर की माँ खुद डेविड वॉर्नर के कोच की भूमिका निभाई है। उन्हीं की वजह से डेविड वॉर्नर के अंदर खोया हुआ विश्वास वापस आया। जिसकी वजह से आज वॉर्नर इस मुकाम पर हैं।

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